Showing posts with label Market News. Show all posts
Showing posts with label Market News. Show all posts

Tuesday, July 17, 2018

17/07/2018

1) BUY BALKRISIND BTWN 1148-1149 TGT 1160 SL 1141
2) BUY AXISBANK BTWN 523-524 TGT 530 SL 518


  ALL  TRG HIT

Monday, July 16, 2018

बाजार में गिरावट बढ़ी, सेंसेक्स 150 अंक टूटा, निफ्टी 10950 के करीब

 कमजोर ग्लोबल संकेतों से सोमवार को Stock Market की सपाट शुरुआत हुई। साल 2018 के दूसरे क्वार्टर में चीन की इकोनॉमी ग्रोथ में कमी से एशियाई बाजारों में कमजोरी दिखने को मिली। जिसका असर भारतीय बाजारों पर देखने को मिला। सेंसेक्स और निफ्टी में दबाव दिख रहा है। सेंसेक्स जहां 50 अंक टूट गया है। वहीं निफ्टी 11000 के नीचे फिसल गया है। फिलहाल सेंसेक्स 45 अंक की गिरावट के साथ 36476 अंक और निफ्टी 30 अंक लुढ़ककर 10989 अंक पर कारोबार कर रहा है। कारोबार के दौरान मिडकैप औऱ स्मॉलकैप शेयरों में भी दबाव है। 


इंफोसिस में 3 फीसदी तक उछाल
अप्रैल-जून क्वार्टर में मिले-जुले नतीजे के बाद आईटी कंपनी इंफोसिस के शेयरों में 3 फीसदी तक उछाल देखने को मिला। फाइनेंशियल ईयर 2019 की पहली तिमाही में इंफोसिस का प्रॉफिट 2.11 फीसदी घटकर 3612 करोड़ रुपए रहा था। जबकि फाइनेंशियल ईयर 2017 की चौथी तिमाही में इंफोसिस का प्रॉफिट 3,690 करोड़ रुपए रहा था। इंफोसिस ने 1 पर 1 बोनस शेयर देने की घोषणा की है। मिले-जुले नतीजे से कारोबार के दौरान बीएसई पर शेयर 2.74 फीसदी बढ़कर 1345 रुपए पर पहुंच गया।

मिडकैप-स्मॉलकैप शेयरों में भी दबाव
लार्जकैप के मुकाबले मिडकैप औऱ स्मॉलकैप शेयरों में भी दबाव देखने को मिल रहा है। बीएसई का मिडकैप इंडेक्स 0.83 फीसदी गिरा है, जबकि मिडकैप 100 इंडेक्स में 0.96 फीसदी की गिरावट आई है। बीएसई का स्मॉलकैप इंडेक्स 1.03 फीसदी टूटा है।

किन शेयरों में तेजी, किनमें गिरावट
बाजार में कारोबार के दौरान हैवीवेट शेयरों में इंफोसिस, एशियन पेंट्स, एचयूएल, विप्रो, एनटीपीसी, इंडसइंड बैंक, बजाज ऑटो, एचडीएफसी, मारुति, टीसीएस और आईटीसी में 0.22 से 4.50 फीसदी की बढ़त आई है। वहीं आईसीआईसीआई बैंक, सन फार्मा, टाटा मोटर्स, कोल इंडिया, टाटा स्टील, यस बैंक, रिलायंस इंडस्ट्रीज, एसबीआई, हीरो मोटोकॉर्प, एमएंडएम, एलएंडटी, अडानी पोर्ट्स, वेदांता 3 से 0.43 फीसदी तक गिरे।

दूसरे क्वार्टर में चीन की इकोनॉमी ग्रोथ 6.7% रही
दुनिया की दूसरी सबसे बड़ी इकोनॉमी वाला देश चीन के दूसरे क्वार्टर में ग्रोथ में कमी आई है। 2018 के दूसरे क्वार्टर में चीन की इकोनॉमिक ग्रोथ 6.7 फीसदी रही। पिछले तीन क्वार्टर में चीन की ग्रोथ 6.8 फीसदी रही थी।

एशियाई बाजारों में कमजोरी
अमेरिका और चीन में ट्रेड वार के असर की वजह से निवेशक अभी भी सतर्क हैं जिसकी वजह से एशियाई बाजार में कमजोरी दिख रही है।

शेयर बायबैक पर PC ज्वेलर का यूटर्न, कुछ ही घंटों में 30% टूटा शेयर, निवेशकों के डूबे 1400 करोड़

 देश की नामी ज्वैलरी कंपनी पीसी ज्वेलर (PC Jeweller) लिमिटेड के शेयर में सोमवार को बड़ी गिरावट देखने को मिली। NSE पर शेयर 30 फीसदी तक टूटकर 4 साल के निचले स्तर पर आ गया। शेयर में ये गिरावट पीसी ज्वेलर द्वारा 424 करोड़ रुपए के शेयर बायबैक ऑफर को रद्द किए जाने की वजह से आई है। NSE पर PC Jeweller का शेयर 30 फीसदी गिरकर 83.95 रुपए के भाव पर आ गया। वहीं शेयर में गिरावट से कंपनी के निवेशकों को 1400 करोड़ रुपए से ज्यादा का नुकसान हुआ।

424 करोड़ का शेयर बायबैक ऑफर रद्द
स्टॉक एस्सचेंज को दी जानकारी में PC ज्वेलर ने कहा, बैंकों ने कंपनी के 424 करोड़ रुपए के शेयर बायबैक ऑफर को मंजूरी नहीं दी। इसके साथ ही शेयर बायबैक ऑफर के लिए बैंक से एनओसी नहीं मिलने की वजह शेयर बायबैक रद्द करना पड़ा। गौरतलब है कि 10 मई 2018 को कंपनी के निदेशक मंडल ने 10 रुपए प्रति मूल कीमत के 1,21,14,286 शेयरों को 350 रुपए प्रति के भाव पर वापस खरीदने के प्रस्ताव को मंजूरी दी थी।

30 फीसदी टूटा शेयर
कंपनी द्वारा शेयर बायबैक रद्द किए जाने के फैसले से सोमवार को पीसी ज्वेलर के शेयर में भारी गिरावट आई। NSE पर शेयर 30  फीसदी टूट गया। इतनी बड़ी गिरावट से शेयर 4 साल के निचले स्तर पर फिसल गया। सोमवार को NSE पर शेयर की शुरुआत 10 फीसदी की गिरावट के साथ 107.95 रुपए पर हुई थी। कारोबार के दौरान गिरावट बढ़ी औऱ शेयर 30 फीसदी लुढ़ककर 83.95 रुपए के भाव पर आ गया, जो 4 साल का निचला स्तर है।

निवेशकों के डूबे 1100 करोड़ से ज्यादा 
कुछ ही घंटों के कारोबार में पीसी ज्वेलर के शेयर में बड़ी गिरावट से इसके निवेशकों को 1400 करोड़ रुपए से ज्यादा का नुकसान हुआ। शुक्रवार के बंद भाव पर कंपनी का मार्केट वैल्युएशन 4729.65 करोड़ रुपए था। वहीं शेयर के निचले भाव पर कंपनी का वैल्युएशन 1418.11 करोड़ रुपए गिरकर 3311.54 करोड़ रुपए हो गया। इस तरह निवेशकों को 1418.11 करोड़ रुपए का नुकसान हुआ।

Wednesday, July 11, 2018

TCS Market news

TCS का स्टॉक 6.29% बढ़कर 1995 रु के रिकॉर्ड हाई पर, अच्छे नतीजों का मिला फायदा


देश की सबसे बड़ी आईटी कंपनी टाटा कंसल्टैंसी सर्विसेस (TCS) के स्टॉक में अच्छी बढ़त देखने को मिली। टीसीएस के स्टॉक में 6 फीसदी से ज्यादा का उछाल आया। दरअसल, फाइनेंशियल ईयर 2019 के पहले क्वार्टर में TCS के नतीजे उम्मीद से बेहतर रहे। अच्छे नतीजे की वजह से बीएसई पर स्टॉक 6.29 फीसदी बढ़कर 52 हफ्ते के नए हाई 1995 रुपए पर पहुंच गया। वहीं एनएसई पर शेयर में 1,998 रुपए का हाई रहा। कारोबार के अंत में बीएसई पर स्टॉक 5.47 फीसदी की बढ़त के साथ 1979.60 रुपए पर बंद हुआ।


5 ब्रोकरेज हाउस ने बढ़ाया टारगेट
बेहतर नतीजे की वजह से ब्रोकरेज हाउस का भी टीसीएस पर भरोसा बढ़ गया है। इस क्रम में 5 ब्रोकरेज हाउस ने स्टॉक का टारगेट बढ़ाने के साथ ही खरीददारी की सलाह दी है। इसका भी टीसीएस के स्टॉक को फायदा मिलता दिख रहा है।


ब्रोकरेज हाउस
रेटिंग
टारगेट
रिटर्न
सीएलएसए
बाय
2200
17.20%
बीओबी कैपिटल मार्केट
बाय
2,190
16.67%
जैफरीज
बाय
2,140
14%
एंटिक स्टॉक ब्रोकिंग
बाय
2,090
11.35%
मैक्यूरी
बाय
2,015
7.35%


TCS का Q1 में प्रॉफिट 7340 करोड़ रहा, आय 6.89 फीसदी बढ़ी
- फाइनेंशियल ईयर 2018-19 के पहले क्वार्टर में TCS का कंसॉलिडेटेड प्रॉफिट 6.32 फीसदी 7,340 करोड़ रुपए रहा, जबकि मार्च 2018 को समाप्त हुए क्वार्ट में कंपनी को 6,904 करोड़ रुपए का प्रॉफिट हुआ था। वहीं, सालाना आधार पर कंपनी का प्रॉफिट 23.46 फीसदी बढ़ा है। बेहतर नतीजे से टीसीएस ने 4 रुपए प्रति शेयर डिविडेंड देने की घोषणा की है।
- अप्रैल-जून क्वार्टर में टीसीएस की आय 6.89 फीसदी बढ़कर 34,261 करोड़ रुपए रही है। मार्च तिमाही में कंपनी की आय 32,075 करोड़ रुपए रही थी। वहीं, सालाना आधार पर कंपनी की आय 15.80 फीसदी बढ़ी है। पिछले साल समान अवधि में कंपनी की आय 29,584 करोड़ रुपए थी। 

डॉलर आय 1.6 फीसदी बढ़ी
- पहली तिमाही में टीसीएस की डॉलर आय भी बढ़ी है। तिमाही दर तिमाही आधार पर कंपनी की डॉलर आय 1.6 फीसदी बढ़कर 505.1 करोड़ डॉलर रही। 
- तिमाही आधार पर बीएफएसआई वर्टिकल ग्रोथ 3.7 फीसदी बढ़ी।
- कंपनी की डिजिटल आय 25 फीसदी की बढ़ी।
- तिमाही आधार पर कंपनी ने 10 करोड़ डॉलर के दो नए क्लाइंट जोड़े, जबकि 50 लाख डॉलर के 13 क्लाइंट जुड़े।
 
ऐसी रही शेयर की चाल
टीसीएस का पहले क्वार्टर का नतीजा मंगलवार को बाजार बंद होने के बाद आया था। मंगलवार को टीसीएस का स्टॉक 1877 रुपए पर बंद हुआ था। उम्मीद से बढ़कर नतीजे आने के बाद बुधवार को टीसीएस का शेयर 1.23 फीसदी बढ़कर 1900 रुपए पर खुला। वहीं कारोबार के दौरान स्टॉक 6.29 फीसदी बढ़कर 1995 रुपए के भाव पर पहुंच गया, जो 52 हफ्ते का नया हाई है। इंट्रा-डे में स्टॉक का लो लेवल 1894 रुपए रहा।

Thursday, July 5, 2018

म्युचुअल फंड बिजनेस में कदम रखेगा यस बैंक, सेबी ने दी मंजूरी

प्राइवेट बैंक यस बैंक जल्द ही म्युचुअल फंड बिजनेस में कदम रखेगा। यस बैंक ने कहा कि मार्केट रेग्युलेटर सेबी से म्युचुफल फंड बिजनेस शुरू करने की अनुमति मिल गई है। यस बैंक ने बुधवार को एक बयान में कहा कि यह अप्रूवल रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) द्वारा यस बैंक को म्युचुअल फंड स्पॉन्सर किए जाने के बाद मिला है। सेबी की सैद्धांतिक मंजूरी मिलने बाद यस बैंक अब म्युचुअल फंड बिजनेस शुरू करेगी।

यस बैंक के नॉलेज का उठाएगा लाभ
यस बैंक के एमडी और सीईओ राणा कपूर ने कहा, यस एसेट मैनेजमेंट (इंडिया) लिमिटेड (YAMIL) यस बैंक के नॉलेज बैंकिंग एक्सपर्टिज और रिटेल, कॉरपोरेट और इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स कैपिटल का इक्विटी और डेट केपिटल मार्केट में प्रभावी ढंग से अपनी संपत्ति को प्रभावी बनाने का लाभ उठाएगा।
कपूर ने कहा कि यह स्ट्रैटजिक पहल यस बैंक की रिटेल देनदारियों और वेल्थ मैनेजमेंट स्ट्रैटजी को आगे बढ़ाएगी और इसके साथ ही YAMIL ग्राहकों को निर्बाध निवेश और बैंकिंग अनुभव प्रदान करने के लिए डिस्ट्रीब्यूशन नेटवर्क का निर्माण करेगी। बैंक ने कहा कि उसने बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स औऱ ट्रस्टी के गाइडेंस में ऑपरेशंस स्थापित करने के लिए एक टीम की बनाई है।

6 से 12 महीने में लॉन्च होगा म्युचुअल फंड
यस एसेट मैनेजमेंट अगले 6-12 महीनों में डेट और इक्विटी मार्केट में फंड ऑफरिंग लॉन्च करेगा।



मार्केट गिरावट पर बंद, सेंसेक्स 71 अंक कमजोर और निफ्टी 10750 के स्तर पर बंद, इंफोसिस-टाटा मोटर्स में गिरावट

ग्लोबल मार्केट में कमजोरी और रुपए में गिरावट के चलते गुरूवार को घरेलू शेयर बाजार भी कमजेार होकर बंद हुआ। कारोबार के अंत में सेंसेक्स 71 अंक कमजोर होकर 35575 के स्तर पर बंद हुआ। वहीं, निफ्टी भी 20 अंकों की गिरावट के साथ 10750 के स्तर पर बंद हुआ। कारोबार के दौरान मेटल, फार्मा, आईटी और रियल्टी शेयरों में गिरावट दिख रही है। वहीं, एजीएम के बाद RIL में 1 फीसदी की कमजोरी दर्ज हुई है। बुधवार को सेंसेक्स 267 अंक मजबूती के साथ 35645 के स्तर पर बंद हुआ था। वहीं, निफ्टी भी 70 अंकों की तेजी के साथ 10769 के स्तर पर बंद हुआ।

                  किन शेयरों में तेजी, किनमें गिरावट
कारोबार के दौरान बीपीसीएल, यस बैंक, हिंदुस्तान पेट्रोलियम, महिंद्रा एंड महिंद्रा, मुथूट फाइनेंस, FLFL, CESC में 4 फीसदी तक तेजी बनी हुई है। वहीं, इंफोसिस, टाटा मोटर्स, RIL, टाइटन, इंफ्राटेल, एयरटेल, वेदांता लिमिटेड, वकरांगी, क्वालिटी और आइडिया में 5 फीसदी तक गिरावट है।

                          मेटल शेयरों में तेज गिरावट
कारोबार के दौरान मेटल शेयरों में गिरावट आज भी जारी है। निफ्टी पर मेटल इंडेक्स में 1.35 फीसदी गिरावट है। वहीं, फार्मा इंडेक्स में 1.33, रियल्टी इंडेक्स में 1.80 फीसदी, आईटी इंडेक्स में 1.22 फीसदी और पीएसयू बैंक इंडेक्स में 0.50 फीसदी गिरावट दिख रही है। बैंक निफ्टी इंडेक्स, प्राइवेट बैंक इंडेक्स, ऑटो इंडेक्स और एफएमसीजी इंडेक्स में 1 फीसदी तक तेजी है। 
                 रुपया 6 पैसे कमजोरी के साथ खुला
गुरूवार को रुपए की कमजोर शुरूआत हुई। कारोबार के शुरू में रुपया 6 पैसे की कमजोरी के साथ 68.80 प्रति डॉलर पर खुला। क्रूड प्राइस में तेजी और सरकार द्वारा खरीफ फसलों की एमएसपी बढ़ाए जाने से महंगाई बढ़ने की आशंका से रुपया कमजोर हुआ। इसके अलावा इम्पोर्टर्स और कुछ कॉरपोरेट्स द्वारा डॉलर की डिमांड से भी रुपए पर दबाव बना है। इसके पहले भी बुधवार को रुपया गिरावट के साथ बंद हुआ था।

Tuesday, July 3, 2018

रुपए में उतार-चढ़ाव चिंता की बात नहीं, निपटने के लिए भारत के पास पर्याप्त फॉरेक्स रिजर्व

रुपए के रिकॉर्ड लो स्तर पर पहुंचने के बाद सरकार की ओर से अहम बयान आया है। इकोनॉमिक अफेयर सेक्रेट्री सुभाष चंद्र गर्ग ने कहा है कि रुपए में जारी उतार-चढ़ाव से ज्यादा चिंता करने की जरूरत नहीं है। हमारे पास इस वोलेटिलिटी से निपटने के लिए पर्याप्त विदेशी मुद्रा भंडार है। बता दें कि रुपया गुरूवार को अपने रिकॉर्ड लो पर पहुंच गया था। रुपए ने पहली बार 69 डॉलर का स्तर पार किया। हालांकि शुक्रवार को इसमें कुछ रिकवरी है। 


घरेलू वजहों से नहीं आई रुपए में आई गिरावट 
गर्ग ने कहा कि रुपए में जो उतार-चढ़ाव दिख रहा है, उसके पीछे घरेलू नहीं, कुछ ग्लोबल फैक्टर हैं। मसलन इंटरनेशनल मार्केट में क्रूड की कीमतें ऊंचे स्तर पर हैं, ईरान पर यूएस ने प्रतिबंध लगाए हैं। इंटरनेशनल मार्केट में क्रूड की डिमांड और सप्लाई को लेकर बड़ा गैप बन गया है। इन वजहों से डॉलर की डिमांड बढ़ रही है, जिससे रुपए सहित दूसरे देशों की करंसी पर भी असर हो रहा है। लेकिन हमारे पास पर्याप्त रिजर्व है, जिससे वोलैटिलिटी की स्थिति से हम निपट सकते हैं।

जरूरत पड़ी तो फॉरेक्स रिजर्व बढ़ाने के विकल्प खुले
गर्ग ने यह भी कहा अभी स्थिति ठीक है, लेकिन अगर जरूरत पड़ी तो सरकार फॉरेक्स रिजर्व बढ़ाने के लिए फॉरेन करंसी नॉन रिपैट्रिएबल डिपॉजिट, सॉवरेन बॉन्ड या अन्य तरीकों से फंड रेज कर सकती है। जब भी लगा कि फॉरेक्स रिजर्व बढ़ाने की जरूरत है तो सरकार के पास ये सभी विकल्प खुले हुए हैं। उनका कहना है कि 2013 में भी रुपए में बड़ी गिरावट आई थी, लेकिन तबसे अब स्थिति बहुत बदल चुकी है। अभी स्थिति ज्यादा बेहतर है। हमारे पास पर्याप्त फॉरेक्स रिजर्व है, सर्विस एक्सपोर्ट और एनआरआई द्वारा देश में आने वाला रेमिटेंस बेहतर है। 

RBI करेगा जरूरी उपाय: पीयूष गोयल
फाइनेंस मिनिस्टर पीयूष गोयल ने भी कहा कि रुपए को लेकर ज्यादा चिंता करने वाली बात नहीं है। जरूरत पड़ने पर रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया जरूरी कदम उठाएगा। वहीं, पूर्व फाइनेंस मिनिस्ट पी चिदंबरम ने सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि रुपया कमजोर होकर सबसे निचले स्तर पर आ गया है। उसके बाद भी अच्छे दिनों का इंतजार है। 

मूडीज: डॉलर की मजबूती से इंडियन करंसी को कम नुकसान 
दुनिया की बड़ी रेटिंग एजेंसी मूडीज की ओर से जारी रिपोर्ट में भी यह बात कही गई कि अमेरिकी डॉलर के मजबूत होने से दुनियाभर की करंसी पर दबाव बढ़ रहा है। लेकिन भारत उन चुनिंदा 5 देशों में शामिल है, जिसकी करंसी को इससे सबसे कम नुकसान होगा। रिपोर्ट में कहा गया था कि डॉलर की मजबूती से भारत की इकोनॉमी को लेकर ज्यादा चिंता करने की जरूरत नहीं है। 

मूडीज के अनुसार भारत, चीन, ब्राजील, मेक्सिको और रूस उन देशों में हैं जो करंसी के दबाव को लेकर सबसे कम जोखिम की स्थिति में हैं। मूडीज के अनुसार बड़ी बचत के जरिए भारत जैसी इकोनॉमी घरेलू स्तर पर बेहतर प्रदर्शन कर रही हैं। मूडीज का कहना है कि भारत का करंट अकाउंट डेफिसिट क्रूड की ऊंची कीमतों की वजह से बढ़ा है। 

रुपए में हल्की रिकवरी
शुक्रवार को रुपया 9 पैसे मजबूत होकर 68.70 प्रति डॉलर के भाव पर खुला। बैंक और एक्सपोर्टर्स द्वारा डॉलर की फ्रेश सेलिंग करने से रुपए को सपोर्ट मिला है। हालांकि अभी भी रुपया अपने करीब 20 महीने के लो पर कारोबार कर रहा है। इंटरनेशनल मार्केट में क्रूड की कीमतें बढ़ने और करंट अकाउंट डेफिसिट व महंगाई बढ़ने की आशंकाओं के चलते रुपए पर निगेटिव असर दिख रहा है। इससे पहले गुरूवार के कारोबार में रुपया पहली बार 69 प्रति डॉलर का स्तर पार कर गया था। 69.10 प्रति डॉलर का भाव रुपए के लिए ऑलटाइम लो बना। हालांकि ट्रेडिंग के अंत में रुपया 67.79 के स्तर पर बंद हुआ। 

इस साल 7% से ज्यादा कमजोर हुआ रुपया 
रुपए ने बीते साल डॉलर की तुलना में 5.96 फीसदी की मजबूती दर्ज की थी, जो अब 2018 की शुरुआत से लगातार कमजोर हो रहा है। इस साल अभी तक रुपया लगभग 7 फीसदी से ज्यादा टूट चुका है। इससे पहले रुपए ने 28 अगस्त, 2013 को 68.80 का लाइफटाइम लो टच किया था। वहीं, 24 नवंबर 2016 को रुपया का ऑलटाइम क्लोजिंग लो 68.73 था।

CAD बढ़ने की आशंका से रुपए पर प्रेशर 
क्रूड की ऊंची कीमतों से भारत के करंट अकाउंट डेफिसिट और महंगाई बढ़ने की आशंका से इन्वेस्टर्स में घबराहट फैल गई। कुछ दिनों की सुस्ती के बाद क्रूड की कीमतें चढ़ने के भी संकेत मिले। अमेरिका द्वारा अपने सहयोगी देशों से नवंबर की डेडलाइन तक ईरान से क्रूड का इंपोर्ट रोकने की बात कहने से अब क्रूड की कीमतों में तेजी देखने को मिल सकती है। वहीं, आरबीआई द्वारा अपने द्वैमासिक फाइनेंशियल स्टैबिलिटी रिपोर्ट में बैंकिंग सेक्टर की धुंधली तस्वीर पेश किए जाने से करंसी मार्केट में घबराहट फैल गई।

बुधवार से बीएसई पर 222 कंपनियां होंगी डीलिस्ट, स्टॉक में 6 महीने से नहीं हो रही है ट्रेडिंग

देश का लीडिंग स्टॉक एक्सचेंज बीएसई बुधवार से अपने प्लेटफॉर्म पर 222 कंपनियों को डीलिस्ट करने जा रहा है। इनमें वे कंपनियां शामिल हैं, जिनके स्टॉक में पिछले 6 महीने से ज्यादा समय से ट्रेडिंग नहीं हो रही है। यह जानकारी बीएसई ने अपने एक सर्कुलर के जरिए दी है। बीएसई यह कार्रवाई तब कर रही है, जब सरकार भी शेल कंपनियों को लेकर सख्‍त है। बता दें कि पिछले साल अगस्त में मार्केट रेग्युलेटर सेबी ने स्टॉक एक्सचेंज से 331 सस्पेक्टेड शेल कंपनियों के खिलाफ कार्रवाई करने को कहा था। बता दें कि सरकार ने इलीगल फंड के इस्तेमाल को रोकने के लिए पहले ही 2 लाख शेल कंपनियों पर रोक लगा चुकी है। बीएसई ने सर्कुलर के जरिए कहा है कि इनमें से 210 कंपनियों में ट्रेडिंग 6 महीने से भी ज्यादा समय से बैन है। 4 जुलाई से ये कंपनियां बीएसई के प्लेटफॉर्म से डीलिस्ट हो जाएंगी।
                                        कंपसलरी डीलिस्टिंग वाली कंपनियां भी
 इनमें एशियन इलेक्ट्रॉनिक्स, बिरला पावर सॉल्यूशंस, क्लासिक डायमंड्स इंडिया लिमिटेड, इनोवेंटिव इंडस्ट्रीज, पैरामाउंट प्रिंटपैकेजिंग और SVOGL ऑयल गैस एंड एनर्जी जैसी कंपनियां भी हैं, जिनकी एनएसई से कंपलसरी डीलिस्टिंग हो चुकी हैं। अब ये बीएसई से भी डीलिस्ट होंगी।

                                       प्रमोटर्स पर भी लगेगा बैन
डिलिस्टिंग रेग्युलेशंस के तहत डिलिस्ट कंपनी, उसके व्होल टाइम डायरेक्टर्स, प्रमोटर्स और ग्रुप कंपनी पर कम्पल्सरी डिलिस्टिंग की तारीख से 10 साल तक सिक्युरिटीज मार्केट में ट्रेडिंग से प्रतिबंध लग जाएगा।
इन डिलिस्ट कंपनियों के प्रमोटर्स को बीएसई द्वारा नियुक्त इंडिपेंडेंट वैल्युअर द्वारा तय किए गए मूल्य पर पब्लिक शेयरहोल्डर्स से शेयर खरीदने होंगे।

इसके अलावा इन कंपनियों को सेबी की सलाह पर 5 साल के लिए एक्सचेंज के डिस्सेमिनेशन बोर्ड के पास भेज दिया जाएगा। 

                                       ये कंपनियां भी डीलिस्ट होंगी

एक्सचेंज ने यह जानकारी भी दी कि लिक्विडेशन की वजह से MMS इंफ्रास्ट्रक्चर, ओसिस टेक्सटाइल्स, इंटीग्रेटेड फाइनेंस कंपनी, ऑमनीटेक इंफोसॉल्यूशंस, फ्लालेस डायमंड इंडिया लिमिटेड और इंडो बॉनिटो मल्टीनेशनल 6 महीने से ज्यादा समय से सस्पेंड चल रही हैं। ये कंपनियां भी डीलिस्ट होंगी।